रीती रिवाज
चित्रकला
बुन्देलखण्ड की चित्रकला
चित्र व आलेख- विकास वैभव -
Painting of Bundelkhand- बुंदेली-शैली के ग्रन्थ-चित्रण (कवि-प्रिया, रसिक-प्रिया तथा रामचंद्रिका) ने मुग़ल, राजस्थान और कांगड़ा के चित्रकारों को...
चित्योरी कला
चित्र व आलेख- विकास वैभव
Chityori Art- ‘चित्योरी कला’ शास्त्रीय कला का गिरा हुआ रूप है, शस्त्रीय गुणों का हृास है अर्थात बुन्देलखण्ड...
बुन्देली शैली
चित्र व आलेख- विकास वैभव सिंह
Bundeli Style of Painting- बुन्देली शैली के रूप में अपभ्रंश शैली का पुनरुत्थान राजा मान सिंह तोमर (1486-1518 ई.)...
महान व्यक्तित्व
महाराजा खेत सिंह खंगार जी
चित्र व आलेख- विकास वैभव
Maharaja Khet Singh Khangar ji - रा'नौधन (तृतीय) के बाद रा'कवट (द्वितीय) सन् 1140 ई. में जूनागढ़ की गद्दी पर...
उपन्यासकार फणीश्वरनाथ “रेणु”
आलेख- विकास वैभव
Novelist Phanishwar Nath "Renu" - फणीश्वरनाथ "रेणु" का जन्म भारत- नेपाल की सीमा पर बसे बिहार के पूर्णिया जिले (वर्तमान में...
गीतकार इन्दीवर
आलेख- विकास वैभव
Lyricist Indeevar- श्यामलाल बाबू राय जिन्हें इन्दीवर के नाम से जाना जाता है, हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध गीतकारों में से एक...
शख्शियत
लोक चित्रकार- हेमन्त कुमारी
आलेख- पूर्णिमा सिंह
FolkArtist Hemant Kumari Jhansi- हेमन्त कुमारी का जन्म 6 सितम्बर, सन् 1970 को झाॅंसी जनपद के गुरसराय कस्बे में हुआ था।...
समाजसेवी मुकुन्द मेहरोत्रा
आलेख- विकास वैभव
Mukund Mehrotra, Social Worker, Jhansi (U.P.)- पिछले 60 वर्षों से बुन्देलखण्ड की विरासत एवं संस्कृति को सहेजने वाले समाजसेवी...
चित्रकार विकास वैभव सिंह
आलेख- पूर्णिमा सिंह
Artist Vikas Vaibhav Singh- बुन्देलखण्ड में कला और कलाकारों की यूं तो कोई कमी नहीं है लेकिन चित्रकला के क्षेत्र में...
समाजसेवी वासुदेव सिंह
आलेख- पूर्णिमा सिंह
Basudev Singh, Social Worker, Lalitpur (m.p.) बुंदेलखण्ड सेवा संस्थान के मंत्री समाजसेवी वासुदेव सिंह ने मड़ावरा जैसे पिछड़े जंगली इलाके में...
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ये भी देखें
सुआटा
चित्र व आलेख- पूर्णिमा सिंह
Suaata- बुन्देलखण्ड में कन्याओं का त्योहार सुआटा आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से प्रारम्भ होकर नवमी तक मनाया जाता है। इस...
कुरैया वीर मन्दिर, कुचदों (ललितपुर)
चित्र व आलेख- विकास वैभव
Kuraiya Veer Temple, Kuchadaun (Lalitpur, U.P.)- ललितपुर में देवगढ़ से 03 किमी॰ की दूरी पर वन्य क्षेत्र के कुचदों...
महाराजा गंगाधर राव की समाधी, झाँसी
चित्र व आलेख- विकास वैभव
Cenotaph of Maharaja Gangadhar Rao, Jhansi (U.P.) महाराजा छत्रशाल ने जब बुन्देलखण्ड के वृहद भाग को तीन भागों में...






































































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